9th Mar 2025
एक बेहद कमजोर गाय, जिसके शरीर की हड्डियाँ साफ दिख रही थीं, खेले में खड़ी थी। उसकी आंखें गहरी और बेरंग थीं, जैसे उसने जीवन की सारी चमक खो दी हो। "क्यों नहीं कोई मेरी मदद करता?" उसने एक सूखी आवाज़ में कहा। चारों ओर बस सूखी ज़मीन थी और उसे निराशा महसूस हो रही थी। वह सोच रही थी कि क्या कभी कोई उसकी देखभाल करेगा।
वह हर दर्द को सहन कर रही थी जब अचानक एक छोटी सी चिड़िया उसके पास आई। "तुम इतनी अकेली क्यों हो?" चिड़िया ने पूछा। गाय ने कहा, "मैं बहुत कमजोर हूँ, कोई मुझे नहीं देखता।" चिड़िया ने उसे देखा और कहा, "मैं तुम्हें तोड़ नहीं सकती, लेकिन मैं तुम्हारे पास रहूंगी। हम मिलकर इस सूखे की जगह को सुंदर बना सकते हैं।" गाय को थोड़ी संजीवनी शक्ति मिली और उसने चिड़िया के साथ अपने जीवन में थोड़ी उम्मीद महसूस की।
चिड़िया ने जैसे ही अपनी छोटी परियों को फड़फड़ाया, उसे एक विचार आया। "पूरे जंगल में कुछ ऐसे दोस्त हैं जो तुम्हारी मदद कर सकते हैं," उसने कहा। "हम उन्हें बुलाएंगे, और मिलकर हम इस बंजर भूमि को हरियाली में बदल देंगे।" गाय ने पहली बार अपने दिल में एक हल्की सी मुस्कान महसूस की। अब वह अकेली नहीं थी, उसे किसी ने आशा की किरण दी थी।
अगली सुबह चिड़िया और गाय ने जंगल में संदेश फैलाया। धीरे-धीरे, बगुले अपने लंबे पंखों के साथ, खरगोश अपने फुर्तीले पैरों के साथ, और मधुमक्खियाँ अपने मीठे पराग के साथ वहाँ आ पहुँचीं। सभी ने अपने तरीके से मदद की। वे पौधों के बीज लाए, मिट्टी को नरम बनाया, और आसमान से पानी की बूँदें गिरने लगीं। गाय की आँखों में धीरे-धीरे चमक लौट आई।
कुछ समय बाद, गाय के चारों ओर हरियाली ही हरियाली थी। वह अब पहले जैसी कमजोर और उदास नहीं थी। चिड़िया ने कहा, "देखो, तुमने अपनी दुनिया को बदल दिया है।" गाय ने जवाब दिया, "तुम्हारी मदद से, मैं फिर से जी उठी हूँ।" और इस तरह, एक छोटी चिड़िया ने अपनी दोस्ती और मदद से गहरी उदासी को एक नई शुरुआत में बदल दिया।