23rd Jun 2025
एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव में एक जादुई सैंडविच रहते थे। वह हर सुबह उगते और बच्चों के चेहरे पर हँसी लाते। एक दिन, अजय बोला, "सैंडविच भैया, क्या आप हमें मजेदार कहानी सुना सकते हैं?" सैंडविच ने मुस्कुराते हुए कहा, "हाँ, लेकिन पहले मुझे थोड़ा सा ताज़ा सलाद चाहिए!" सब बच्चे दौड़ पड़े।
बच्चे जब सैंडविच के पास आए, तो उन्होंने उसे ताज़ा सलाद दिया। सैंडविच ने कहा, "अब सुनो मेरी कहानी! एक बार, एक सैंडविच ने ठानी कि उसे उड़ना है! उसने अपने नमकीन को चुटकी में लिया और झटपट चले गए!" बच्चों ने हँसते हुए कहा, "क्या सच में? क्या वह उड़ सका?" सैंडविच ने आँख मटकाते हुए कहा, "चलो, मैं बताता हूँ!"
सैंडविच ने कहानी जारी रखी, "आसमान में उड़ते हुए, उस सैंडविच ने देखा कि बादल कितना मुलायम होते हैं! वह बादलों के पास गया और एक बादल से पूछा, 'क्या मैं तुम्हारे साथ खेल सकता हूँ?' बादल ने हँसते हुए कहा, 'अगर तुम मेरे साथ छुपम-छुपाई खेलोगे, तो जरूर!' और फिर सैंडविच और बादल ने आसमान में खूब मस्ती की।"
बच्चे आँखें खोलकर सुन रहे थे। अजय ने उत्सुकता से पूछा, "फिर क्या हुआ?" सैंडविच ने कहा, "बाद में, वह सैंडविच भूखा हो गया। उसने सोचा, 'मुझे कुछ खाना चाहिए।' लेकिन तब उसे याद आया कि वह खुद ही खाने का सामान है! और फिर वह हँसते-हँसते वापस धरती पर आ गया।"
सारी कहानी सुनकर बच्चे खूब हँसे। उन्होंने कहा, "सैंडविच भैया, आपकी तो कमाल की कहानी है!" सैंडविच ने मुस्कुराते हुए कहा, "तुम्हारी हँसी ही मेरी ताकत है!" सब बच्चों ने सैंडविच का धन्यवाद किया और हँसते-खेलते अपने घर लौट गए। उस गाँव में सैंडविच की कहानियाँ हमेशा यादगार बन गईं।